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तुम चोर नहीं सपनों के हत्यारे हो

तुम चोर नहीं सपनों के हत्यारे हो रात रात भर फिरते मारे मारे हो तुम चोर नहीं सपनों के हत्यारे हो मेहंदी पुछ गई मुनिया की जब रात में डेरा डाला डिग्री छिन गई पप्पू की जब तुमने घर को खंगाला काश कि तुमको खबर भी होती क्या क्या तुम कर डाले हो चोर नहीं तुम सपनों के हत्यारे हो