तुम्हें हक नहीं हमें यूं बदनाम कर जाओ हाल-ए-दिल सुनो यूं फिर आम कर जाओ राजदार हमारी हर सांस थी तुम में बसी रूठ कर यूं ही न हमें गुमनाम कर जाओ
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