बहुत याद आती है गांव तेरी
बहुत याद आती है मेरे गांव तेरी जब कोई पड़ोसी हाल नहीं पूछता जब कोई बुजुर्ग सवाल नहीं पूछता बहुत याद आती है मेरे गांव तेरी जब कोई आंधी सिर से नहीं गुजरती जब कोई रात बतकही में नहीं बीतती जब गुड्डू कहानी की जिद नहीं करता जब बुढ़ऊ रात भर खो-खो नहीं करता