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बहुत याद आती है गांव तेरी

बहुत याद आती है मेरे गांव तेरी जब कोई पड़ोसी हाल नहीं पूछता जब कोई बुजुर्ग सवाल नहीं पूछता बहुत याद आती है मेरे गांव तेरी जब कोई आंधी सिर से नहीं गुजरती जब कोई रात बतकही में नहीं बीतती जब गुड्डू कहानी की जिद नहीं करता जब बुढ़ऊ रात भर खो-खो नहीं करता
हद तो हो गयी हमने कलेजा निकाल रख दिया उनका हुजूम आया और वाह वाह कर चल दिया
 या तो वक़्त बदलता है या वे लोग  जिन्हें अपनों पर ऐतबार नहीं होता  कुछ ऐसे होते हैं जहाँ में जिन्हें  खुद के सिवा किसी से प्यार नहीं होता
काश की ऐसी साली होती जैसे आधी घरवाली होती पेट से भरी पूरी सी एकदम दिमाग से वह खाली होती

सपा की दंगल-3

किसने किससे करी बेवफाई पूत कपूत की चचेरा वो भाई मुलायम के दिल से पूछो जरा किसने नहीं वफा है निभाई

सपा की दंगल-2

दल की यह कैसी दलदल बदल रहे सब ही पलपल जनता करे बस एक सवाल इनका दल या उनका दल

सपा की दंगल-1

जय-जय राम गोपाल जय-जय शिव के पाल एक-दूजे से करी लड़ाई एक-दूजे को राह दिखाई बन गए मुखिया देखो  मुलायम के लाल जय-जय राम गोपाल जय-जय शिव के पाल अमर के हुए बोल मुलायम आजम किसी ओर न धायम नरेश बन गए प्रदेश नरेश संग हैं इनके अग्रवाल (नरेश अग्रवाल) जय-जय राम गोपाल जय-जय शिव के पाल