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याद बहुत फिर आईं अम्मां

बहुत दिनों बाद फिर आईं अम्मां मकां को घर बनाईं अम्मां रात पहर जब बीत गई याद बहुत फिर आईं अम्मां

मां तुझे सलाम

मां ने बड़े जतन से गांव से भेजा है डिब्बे में घी का कुछ कतरा अब भी है जानता हूं वह मेरी मां है, सब जानती है याद मेरे दूध न पीने का नखरा अब भी है साथ भेज दी हैं भुनी हुई मूंगफलियां भी मेरी सेहत पर लगता उसे खतरा अब भी है