याद बहुत फिर आईं अम्मां लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप लेखक: विशाल अक्खड़ - मई 23, 2016 बहुत दिनों बाद फिर आईं अम्मां मकां को घर बनाईं अम्मां रात पहर जब बीत गई याद बहुत फिर आईं अम्मां और पढ़ें
मां तुझे सलाम लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप लेखक: विशाल अक्खड़ - मई 07, 2016 मां ने बड़े जतन से गांव से भेजा है डिब्बे में घी का कुछ कतरा अब भी है जानता हूं वह मेरी मां है, सब जानती है याद मेरे दूध न पीने का नखरा अब भी है साथ भेज दी हैं भुनी हुई मूंगफलियां भी मेरी सेहत पर लगता उसे खतरा अब भी है और पढ़ें