मां का प्यार
मां ने बड़े जतन से गांव से भेजा है
डिब्बे में घी का कुछ कतरा अब भी है
जानता हूं वह मेरी मां है, सब जानती है
याद मेरे दूध न पीने का नखरा अब भी है
साथ भेज दी हैं भुनी हुई मूंगफलियां भी
मेरी सेहत पर लगता उसे खतरा अब भी है
डिब्बे में घी का कुछ कतरा अब भी है
जानता हूं वह मेरी मां है, सब जानती है
याद मेरे दूध न पीने का नखरा अब भी है
साथ भेज दी हैं भुनी हुई मूंगफलियां भी
मेरी सेहत पर लगता उसे खतरा अब भी है
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