दिलों के दर्द पढ़ता हूं...

बज्म-ए-उर्दू में खड़ा मैं नज्म पढ़ता हूं
कुर्बानी हुसैन की, ईशू के जख्म पढ़ता हूं
राम का वनवास, गुरु नानक के उपदेश
हिन्दी-उर्दू के नहीं, दिलों के मैं दर्द पढ़ता हूं

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