सियासत को कितना गिराओगे

सियासत को कितना और गिराओगे
कब तलक यूं सब्जबाग दिखाओगे
समझती है सब जानती है ये जनता
रहनुमाओं चुप करो मुंह की खाओगे

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जरा याद इन्हें भी कर लोः आचार्य गया प्रसाद शुक्ल सनेही

तब यह जाना मैंने

जज्बातों की कहानी