बिटिया
ऐ चांद तू इतना भी क्यूं इतराया करता है
इक चांद मेरे आंगन में भी खेला करता है
चार दिन की तेरी चांदनी होगी तो अच्छी
मेरी चंदा बिटिया से जहां महका करता है
इक चांद मेरे आंगन में भी खेला करता है
चार दिन की तेरी चांदनी होगी तो अच्छी
मेरी चंदा बिटिया से जहां महका करता है
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