हुस्न वालों को इतना गुरूर क्यों है
हुस्न वालों को इतना गुरूर क्यों है
इश्क वाला इतना मगरूर क्यों है
उनकी ओर भी तो देख लिया करो
दिलजले तुझपे इतना सुरूर क्यों है
इश्क वाला इतना मगरूर क्यों है
उनकी ओर भी तो देख लिया करो
दिलजले तुझपे इतना सुरूर क्यों है
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