हुक्कामों से मत पूछा

हुक्कामों से मत पूछो
क्या कहती है सर्दी
दीवानों से मत पूछो
क्या कहती है सर्दी
घर से निकले राही से
चौराहे पर बैठे सिपाही से
तब सब सच-सच पूछो
क्या कहती है सर्दी

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जरा याद इन्हें भी कर लोः आचार्य गया प्रसाद शुक्ल सनेही

तब यह जाना मैंने

जज्बातों की कहानी