करो कुछ बात

करो कुछ बात तो हर बात आगे बढ़ती है
दिल होते गुलजार जब बात आगे बढ़ती है
महकी उनकी याद तो टपक गए जज्बात
तबीयत होते नासाज जब बाते आगे बढ़ती है

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जरा याद इन्हें भी कर लोः आचार्य गया प्रसाद शुक्ल सनेही

तब यह जाना मैंने

जज्बातों की कहानी