नोटबंदी 1

नोट पर चोट पल पल लगाते चले
दिलासा वह हर दिन दिलाते चले
हमको झोंका उन्होंने ही लाइन में है
मन की बातों से चूना लगाते चले

टिप्पणियाँ

Naveen Mani Tripathi ने कहा…
लाजबाब शुक्ल जी ।

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