बिटिया भई विदा घर सूना हो गया

बिटिया भई विदा घर सूना हो गया
हंसते चेहरों का दर्द दूना हो गया
पिंजरे में फंस गई उड़ती मुनिया  
जिस दिन उसका गौना हो गया
-विशाल शुक्ल अक्खड़

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